खरसिया ग्राम सिंघनपुर में नशे के खिलाफ एक ऐतिहासिक जनआंदोलन खड़ा हो गया है। गांव के पूर्व शिक्षक नेतराम राठिया (नेतराम गुरुजी) ने नशे की जड़ों पर सीधा प्रहार करते हुए नशा मुक्ति अभियान की कमान संभाल ली है। वे गांव की हर गली-हर मोहल्ले में घूम-घूमकर लोगों को नशे से आज़ादी का संदेश दे रहे हैं।
इस जनहितकारी अभियान में भिखारी लाल चौहान, सुसरन दास महंत और गंगाराम राठिया जैसे सामाजिक कार्यकर्ता भी कंधे से कंधा मिलाकर जुड़े हुए हैं। टीम का एक ही संकल्प है
नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो। गुरुजी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नशा सभी बीमारियों की जड़ है। नशे की गिरफ्त में आया व्यक्ति धीरे-धीरे गंभीर बीमारियों का शिकार हो जाता है, उसकी कमाई खत्म हो जाती है और अंततः घर-परिवार तबाही के कगार पर पहुंच जाता है। नशे से न केवल घर बर्बाद होता है, बल्कि पूरा परिवार उजड़ जाता है और बच्चों का भविष्य अंधकार में डूब जाता है।
गांव में चल रहे इस नशा मुक्ति अभियान का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। ग्रामीण खुलकर समर्थन कर रहे हैं और नशे के खिलाफ एक नई चेतना और जागरूकता पैदा हो रही है। लोग इस पहल को सिंघनपुर के लिए मील का पत्थर बता रहे हैं।
पूर्व शिक्षक नेतराम राठिया का यह अभियान यह साबित करता है कि
जब गुरु मैदान में उतरता है, तो समाज में क्रांति तय होती है।
