रायगढ़। नवागत पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने पदभार संभालते ही जिले के पुलिस प्रशासन में अनुशासन का डंडा चलाना शुरू कर दिया है। शुक्रवार की सुबह ठीक 9 बजे जब एसपी खुद कोतरा रोड थाने पहुंचे, तो वहां की स्थिति देख वे दंग रह गए। ड्यूटी के निर्धारित समय पर न तो थाने में जिम्मेदार अफसर मौजूद थे और न ही बाकी का स्टाफ। थाने के भीतर पसरे इस सन्नाटे और घोर लापरवाही को देख एसपी ने तत्काल कड़ा रुख अपनाया। मौके पर केवल एक मुंशी और एक मददगार ही अपनी सेवा में तैनात मिले, जबकि बाकी पूरी यूनिट अपनी ड्यूटी से नदारद थी। एसपी शशिमोहन सिंह ने इस अनुशासनहीनता को कतई बर्दाश्त नहीं किया और मौके पर ही सभी अनुपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों को गैरहाजिर घोषित कर दिया।
अनुशासन की यह ‘लाल कलम’ चलते ही महकमे में हड़कंप मच गया है। एसपी ने सभी गायब कर्मियों को तत्काल अपने कार्यालय तलब किया है। 26 जनवरी को पदभार संभालने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में ही उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि जनता की सेवा और ड्यूटी में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। इस औचक निरीक्षण ने यह साबित कर दिया है कि कप्तान अब केवल दफ्तर से निर्देश नहीं देंगे, बल्कि खुद मैदान में उतरकर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे।
इस औचक निरीक्षण के बाद एसपी ने कड़े लहजे में निर्देशित किया है कि थानों में फरियादियों की उपस्थिति के समय अगर जिम्मेदार अधिकारी नहीं मिलेंगे, तो इसे सेवा के प्रति गंभीर कोताही माना जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि पुलिस की वर्दी केवल रौब के लिए नहीं, बल्कि समयबद्ध कर्तव्यनिष्ठा के लिए है, जिसकी शुरुआत समय की पाबंदी से होती है। कप्तान के इस सख्त रुख ने महकमे के उन अधिकारियों की नींद उड़ा दी है जो अब तक ड्यूटी को लेकर लापरवाह रवैया अपनाए हुए थे। रायगढ़ पुलिस के गलियारों में अब यह चर्चा आम है कि आने वाले दिनों में जिले के अन्य थानों और चौकियों की भी इसी तरह “सर्जिकल चेकिंग” हो सकती है। जशपुर में अपनी कड़क कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले शशिमोहन सिंह ने कोतरा रोड थाने में इस दबिश से यह साफ कर दिया है कि उनकी नजर अब सीधे थानों की मुस्तैदी और जनसुनवाई पर है। उनके इस एक्शन के बाद जिले भर के पुलिसकर्मियों में अब समय की पाबंदी को लेकर सतर्कता बढ़ गई है।
इस अचानक हुई दबिश से जिले के दूसरे थाने के कर्मचारियों में भी डर समा चुका है। महकमे में इस बात की चर्चा है कि एसपी कभी भी अचानक किसी भी थाने में औचक दबिश देकर थाना प्रभारियों और ऑफिस स्टाफ की उपस्थिति की जानकारी ले सकते हैं। जानकारों का मानना है कि इस तरह की सीधी और सख्त कार्रवाई से न केवल पुलिस महकमे में प्रशासनिक कसावट आएगी, बल्कि आम जनता का पुलिस के प्रति विश्वास भी और मजबूत होगा। अब यह स्पष्ट है कि लापरवाही बरतने वाले अफसरों के लिए रायगढ़ में राह आसान नहीं होने वाली है और हर कर्मचारी को अपनी जिम्मेदारी के प्रति जवाबदेह होना ही पड़ेगा।
